बगहा और इसकी मनोरम छटा

बगहा और उसके आस-पास के विषय में वैसे तो लिखने को बहुत कुछ है, चाहे वो उसकी ऐतिहासिक विरासत हो या राजनैतिक रूप से स्ट्रैटजिक्ल लोकेशन हो, या फिर आर्थिक रूप से नार्थ गंगेटिक बेल्ट हो| पर मुझे जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती रही है वो है इसकी मनोरम छटा | आप बगहा स्टेशन पर ट्रेन से उतरें और उत्तर की ओर देखें, आपको हिमालय आसानी से दिख जायेगा, और अगर दिन साफ़ रहा तो बर्फ वाले पहाड़ भी | बगहा इतना नेग्लेक्टेड नहीं होता तो शर्तिया ही इसमें एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनने की वो सारी खूबियां हैं जो किसी भी दूसरे पॉपुलर डेस्टिनेशन में होती हैं | विशालकाय गंडक नदी के तट पर बसा हुआ बाघ आरण्य और बाल्मिकीनगर में स्थित सीता जी के बनवास के ऐतिहासिक अवशेष भला कौन नहीं देखना चाहेगा | हाँ, बगहा जाने की एक शर्त हमेशा से रही हैं – आप वहां जल्दीबाजी में कुछ नहीं कर सकते, ये वहां की आदतों में शुमार हैं | आप को शांत हो कर अपने कुछ पल देने होंगे, फिर जो यादें ले कर आप लौटेंगे वो कभी भूल नहीं पाएंगे| बगहा का उच्चारण ही काफी शान्ति वाला हैं – आप एक लम्बी सांस लें, फिर गंभीर आवाज़ में बSगSहा बोलें | वैसे ही जैसे आप छठ (छSठ) बोलते हैं | अगर आपने बगहा ऐसे नहीं बोला तो फिर आप बगहा को जान ही नहीं पाएं |
आप जैसे ही बगहा से करीब ३०-४० किलोमीटर की दूरी पर पूरब की और चलेंगे आप लौरिया पहुँच जायेंगे | वहां पर आप प्रसिद्द अशोक स्तम्भ देख सकते हैं, जो पहले तो पूरी तरह से उपेक्षित था, पर अब इसे थोड़ा ठीक कर दिया गया हैं | वहां लगभग २-३ किलोमीटर की दूरी पर आपको मौर्य काल का एक किला मिलेगा जिसे नंदन गढ़ कहते है | इस किला के बारे में इतिहास की किताबो में कहीं कुछ लिखा हुआ नहीं मिलेगा | किला के बाहर अभी कुछ वर्ष पहले सरकार ने लिख दिया है कि यह एक बौद्ध स्तूप था, पर वहां रहने वाले बहुत से लोग आपको बताएँगे कि नंदन गढ़ वास्तव में नन्द वंश का महल था | जब मगध भारत की राजधानी हुआ करता था तब नेपाल की तरफ के एरिया को देखने के लिए चाणक्य के कहने पर यह महल बना था | यहाँ से लगभग २३-२४ किलोमीटर की दूरी पर चाणक्य ने अपना महल बनवाया था जिसे अब चानकी गढ़ कहते है | पर इतिहास की पुस्तकों में इनकी व्याख्या नहीं मिलती हैं, लेकिन जैसा कि मै पहले लिख चुका हूँ कि वहां रहने वाले लोग इसके विषय में आपको विस्तार से बता सकते हैं | जरूरत हैं इनलोगों से मिलने की और बहुत सी बातें करने की, आप वहां जाएँ, आपको अच्छा लगेगा !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *